रिश्ते बस रिश्ते – Rishte Bas Rishte (Kishore Kumar, Gehrayee)

Movie/Album: गहराई (1980)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: किशोर कुमार

रिश्ते बस रिश्ते होते हैं
कुछ इक पल के, कुछ दो पल के
रिश्ते बस रिश्ते…

कुछ परों से हल्के होते हैं
बरसों के तले चलते-चलते
भारी भरकम हो जाते हैं
कुछ भारी भरकम बर्फ़ से
बरसों के तले गलते-गलते
हलके फुल्के हो जाते हैं
रिश्ते बस रिश्ते…

नाम होते हैं रिश्तों के
कुछ रिश्ते नाम के होते हैं
रिश्ता वो अगर मर जाए भी
बस नाम से जीना होता है
रिश्ते बस रिश्ते…

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